PK बोले-चुनाव में प्रदर्शन खराब रहे तो राहुल ब्रेक लें: विजय के लिए नए दिशा-निर्देश की आवश्यकता

news28.in

2024 लोकसभा चुनाव के समीक्षा और प्रशांत किशोर जैसे प्रमुख राजनीतिक रणनीतिकारों की टिप्पणियों से साफ है कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नेतृत्व के अंत तक पहुंच सकता है। इन टिप्पणियों के आधार पर, पार्टी को नए दिशा-निर्देश और नेतृत्व की खोज करने की आवश्यकता है अगर 2024 लोकसभा चुनाव में उनकी प्रदर्शन में सुधार नहीं हुआ तो।

राहुल गांधी की नकारात्मक प्रदर्शन

प्रशांत किशोर ने बताया कि राहुल गांधी पिछले 10 सालों से कांग्रेस को जीतने के लिए प्रयास कर रहे हैं, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली है। इसके बावजूद, उन्होंने किसी और को पार्टी के चेहरा बनने नहीं दिया और न राजनीति से अलग हो गए। यह नकारात्मक प्रदर्शन का एक संकेत है और यह कांग्रेस के लिए चिंताजनक है।

नए दिशा-निर्देश की आवश्यकता

इस समय पर, कांग्रेस को अपने नेतृत्व में नए दिशा-निर्देश की खोज करने की आवश्यकता है। राहुल गांधी के प्रदर्शन से स्पष्ट है कि यह कारगर नहीं रहा है और इससे पार्टी की स्थिति पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। नई राह चुनने के लिए पार्टी को उन्हें ब्रेक लेने का विचार करना चाहिए, जिससे कि वह अपने नए नेता की तलाश कर सके जो पार्टी को अगले चुनाव में जीत के मार्ग पर ले सके।

सोनिया गांधी के नेतृत्व में उदाहरण

प्रशांत ने सोनिया गांधी के नेतृत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि 1991 में जब पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या हुई, तब सोनिया गांधी ने राजनीति से दूरी बनाई और पार्टी की कमान पीवी नरसिम्हा राव को सौंपी। इससे पार्टी को नई ऊर्जा मिली और वह 1991 के चुनावों में अद्वितीय जीत हासिल की। इस परिणाम से स्पष्ट होता है कि नए नेतृत्व की खोज एवं नई दिशा-निर्देश पार्टी के लिए कितना महत्वपूर्ण है।

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