National Dengue Day 2024: कब मनाया जाता है राष्ट्रीय डेंगू दिवस? जानें इतिहास,थीम और उद्देश्य

नई दिल्लीः डेंगू सुनने में भले ही आम लगे, लेकिन यह एक जानलेवा बीमारी है, जो मच्छरों के काटने से फैलती है। डेंगू को नजरअंदाज करने पर शरीर में प्लेटलेट्स डाउन हो जाती हैं, जिसके कारण कई बार व्यक्ति की मौत तक हो सकती है। हर साल 16 मई को राष्ट्रीय डेंगू दिवस मनाया जाता है। इस दिवस को मनाकर लोगों को डेंगू के प्रति जागरुक किया जाता है। इस दिवस को मनाकर लोगों में डेंगू के प्रति जागरुकता फैलाई जाती है, जिससे डेंगू के बढ़ते मामलों की रोकथाम की जा सके।

इस दिन मनाया जाता है राष्ट्रीय डेंगू दिवस

डेंगू की गंभीर बीमारी के प्रति लोगों को जागरुक करने के लिए सरकारी स्तर पर कई कार्यक्रम संचालित किए जाते हैं. मानसून की आमद के पहले ही हर साल 16 मई को राष्ट्रीय डेंगू दिवस (National Dengue Day 2022) मनाया जाता है. इस दिन को मनाने के पीछे का मकसद लोगों को इस घातक बीमारी के प्रति जागरुक करना है. हर साल स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से डेंगू दिवस मनाया जाता है.पहले के मुकाबले लोगों में डेंगू की बीमारी को लेकर काफी जागरूकता बढ़ी है बावजूद इसके अब भी देश के अंदरूनी इलाकों में इस बीमारी के प्रति और जागरूकता फैलाने की जरुरत है. एडीज मच्छर के काटने से डेंगू की बीमारी होती है.

राष्ट्रीय डेंगू दिवस मनाने का मकसद

डेंगू की गंभीर बीमारी के प्रति लोगों को जागरुक करने के मकसद से राष्ट्रीय डेंगू दिवस मनाया जाता है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से डेंगू दिवस मनाया जाता है। देश में हर साल डेंगू की समस्‍या से लाखों लोगों की जान चली जाती है। राष्ट्रीय डेंगू दिवस के दिन देश भर में कई तरह के कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। जिसमें डेंगू के लक्षण, इसके प्रसार और बचाव के उपायों के बारे में बात की जाती है। इन कार्यक्रमों की बदौलत ही लोग अब इस बीमारी के प्रति काफी जागरूक हो गए हैं।

विश्व डेंगू दिवस का इतिहास

राष्ट्रीय डेंगू दिवस हर साल 16 मई को मनाया जाता है। डेंगू के बढ़ते मामले और इससे होने वाली मौत के आंकड़ों की संख्या लगातार बढ़ती देख स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा इस दिवस की शुरुआत की गई थी। जिसे अब हर साल बड़े स्तर पर मनाया जाने लगा है। मौसम बदलने पर अक्सर डेंगू के मामले बढ़ने लगते हैं। एडीज के मच्छरों के काटने से यह संक्रमण शरीर में फैलने लगता है। डेंगू के चलते हर साल सैकड़ों लोगों की मौत तक होती है।

राष्ट्रीय डेंगू दिवस की थीम

साल 2024 में राष्ट्रीय डेंगू दिवस की थीम है ‘डेंगू रोकथाम: सुरक्षित कल के लिए हमारी जिम्मेदारी’। क्योंकि डेंगू मच्छरों से फैलने वाली बीमारी है, तो इसकी रोकथाम के लिए सबसे पहले मच्छरों से बचाव जरूरी है।

राष्ट्रीय डेंगू दिवस को मनाने का उद्देश्य

राष्ट्रीय डेंगू दिवस को मनाने के पीछे का मकसत लोगों को इस बीमारी के प्रति जागरुक करना है। इस दिवस पर जगह-जगह पर डेंगू के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जिसमें डॉक्टर, मरीज और हेल्थ केयर प्रोफेश्नल्स भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं। इस दिवस पर डेंगू के मरीजों का हौंसला अफजाई करने के साथ ही प्लेटलेट्स डाउन होने पर इसे बेहतर करने के तरीकों के बारे में बताया जाता है। इस दिवस को मनाकर लोगों में मच्छरों से होने वाली इस बीमारी के फैलने की पूरी प्रक्रिया के बारे में बताया जाता है।

क्या है डेंगू

नई दिल्ली स्थित एम्स के वरिष्ठ डॉ. संजय राय ने बताया कि डेंगू एक मच्छर जनित उष्णकटिबंधीय बीमारी है जो डेंगू वायरस यानी जीनस फ्लेवीवायरस के कारण होती है. इसका प्रसार मच्छरों की कई जीनस एडीज प्रजातियों मुख्य रूप से एडीज इजिप्टी द्वारा होता है। यह मच्छर चिकनगुनिया, पीला बुखार व जीका संक्रमण का भी वाहक है। डेंगू के चार अलग-अलग, लेकिन आपस में संबंधित सीरोटाइप होते हैं, जिन्हें डेन-1, डेन-2, डेन-3 और डेन-4 नाम से जानते हैं।

लक्षण

अचानक तेज बुखार, तेज सिर दर्द, आंखों में दर्द, हड्डी, जोड़ और मांसपेशियों में तेज दर्द।जांच, इलाज: डेंगू का निदान रक्त परीक्षण से किया जाता है। इसके इलाज के लिए कोई विशेष दवा नहीं है। हाल ही में इंडोनेशिया में डेंगू नियंत्रित करने के लिए वोल्बाचिया बैक्टीरिया से संक्रमित मच्छरों का इस्तेमाल किया है। इसी पर भारत में भी शोध हो रहा है।

डेंगू से बचाव के उपाय

मच्छरों से बचने के लिए लंबी बाजू वाले कपड़े पहनें। पैरों को भी ढककर रखें। लाइट कलर के कपड़े गर्मी से तो बचाते ही हैं साथ ही मच्छरों से भी। मच्छर डार्क कलर की ओर ज्यादा आकर्षित होते हैं।

नियमित रूप से नालियों, गमलों और अन्य जगहों की जांच करते रहें। उनमें पानी न जमा होने दें। इसमें डेंगू के लार्वा पैदा हो सकते हैं।

मच्छरों से बचने के लिए मच्छरदानी, स्प्रे का प्रयोग करें।

घरों में कुछ खास तरह के पौधे लगाने से भी मच्छर दूर रहते हैं।

क्‍या सिर्फ भारत में ही है डेंगू

सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के अनुसार, डेंगू संक्रमण दुनिया भर के 100 से अधिक देशों में होने वाली एक आम समस्या है और लगभग 3 बिलियन लोग डेंगू से प्रभावित क्षेत्रों में रहते हैं. इनमें भारत और दक्षिण पूर्व एशिया के अन्य भाग, चीन, अफ्रीका, ताइवान और मैक्सिको शामिल हैं. डब्ल्यूएचओ की एक रिपोर्ट बताती है कि हर साल दुनियाभर में 100-400 मिलियन को डेंगू का इंफेक्शन होता है.

डेंगू से बचाव के लिए इन बातों का रखें ध्यान

– डेंगू का मच्छर आम मच्छरों से अलग होता है और ये दिन की रोशनी में काटता है. ऐसे में घर और आसपास मच्छरों को पनपने ना दें.
– गर्मियों के चलते लगभग सभी घरों में कूलर का यूज किया जाता है. कूलर में पानी जमा होने से उसमें डेंगू का लार्वा पैदा होने का खतरा बढ़ता है. ऐसें में कूलर का उपयोग होने के तत्काल बाद उसका पानी खाली कर दें.
–घर की छत पर रखे गमलों या किसी अन्य चीज में पानी जमा न होने दें इसमें डेंगू लार्वा पैदा हो सकते हैं.
– अपने घर के अलावा आसपास की जगहों पर पानी जमा ना होने दें वरना उसमें भी डेंगू के लार्वा तेजी से फैलते हैं.
– मच्छरों से बचने के लिए मच्छरदानी, स्प्रे का प्रयोग करें.

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