सुअर की किडनी लगवाने वाले व्यक्ति की मौत,सर्जरी के 2 महीने बाद दम तोड़ा

नई दिल्ली – अमेरिकी राज्य मैसाचुसेट्स में सूअर की किडनी वाले 62 साल के रिचर्ड रिक स्लेमैन की मौत हो गई। रिचर्ड को मार्च में जेनेटिकली मॉडिफाइड सूअर की किडनी लगाई गई थी। डॉक्टरों ने कहा था कि यह किडनी कम से कम 2 सालों तक रिचर्ड के शरीर में ठीक से काम कर सकती है।

रिचर्ड की मौत की वजह सूअर की किडनी नहीं

जिस अस्पताल में ट्रांसप्लांट किया गया था, उसने बताया कि रिचर्ड की मौत की वजह सूअर की किडनी नहीं थी। ट्रांसप्लांट करने वाली टीम ने रिचर्ड की मौत पर दुख जताया है। रिचर्ड ऐसे पहले शख्स थे, जिनके शरीर में सूअर की किडनी ट्रांसप्लांट की गई थी। इससे पहले सूअर की किडनी को सिर्फ ब्रेन-डेड व्यक्ति के शिरीर में ट्रांसप्लांट किया गया था।चिया बीज, बादाम, और अलसी कुछ ऐसी चीजें हैं जो फाइबर और प्लांट बेस्ड प्रोटीन से भरपूर होती हैं। मतलब अगर हम अपनी डाइट में इस तरह के नट्स और बीज को शामिल करते हैं तो हमारी किडनी हेल्दी रहती है और उसके फेल होने का खतरा कम होता है।

किडनी की गंभीर बीमारी से ग्रसित

62 वर्षीय रिक स्लेमैन को पिछले साल पता चला कि वे किडनी की गंभीर बीमारी से ग्रसित हैं। बीमारी भी अंतिम चरण पर थी। ऐसे में उनके पास किडनी प्रत्यारोपण के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं था। डॉक्टर ने उनको समझा बुझाकर सुअर की किडनी लगवाने के लिए राजी कर लिया। डॉक्टर का कहना है कि ये उन लोगों के लिए आशा की किरण है जो अंगदान का इंतजार कर रहे थे। मार्च में उनकी किडनी का प्रत्यारोपण हुआ।

सूअर की किडनी को इंसान के शरीर के लायक कैसे बनाया गया

सूअर की जीन्स में ग्लाइकोन नाम का एक शुगर मॉलिक्यूल होता है, जो इंसानों में नहीं होता है। इस शुगर मॉलिक्यूल को हमारी बॉडी एक फॉरेन एलिमेंट की तरह ट्रीट करती है और इसे रिजेक्ट कर देती है। इस वजह से इससे पहले जब भी किडनी ट्रांसप्लांट करने की कोशिश की गई, वो फेल हो गई।वैज्ञानिकों ने इस समस्या से निपटने के लिए सूअर के जीन में पहले से ही बदलाव कर इस शुगर मॉलिक्यूल को निकाल दिया था। साथ ही जेनेटिक इंजीनियरिंग से सूअर के जीन्स में बदलाव कर किडनी का ट्रांसप्लांट किया गया।

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