शेखर सुमन बेटे की मौत को याद कर भावुक हुए,बेटे के पार्थिव शरीर को पकड़ रोते रहे

मुंबई – शेखर सुमन और उनके बेटे अध्ययन सुमन दोनों साथ में संजय लीला भंसाली की वेब सीरीज ‘हीरामंडी: द डायमंड बाजार’ में नजर आए। दोनों अपनी शानदार परफॉर्मेंस की वजह से दर्शकों के बीच सुर्खियों में बने हैं। वहीं शेखर सुमन अपने दिवंगत बेटे आयुष सुमन को लेकर चर्चा में हैं। हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान शेखर सुमन अपने दिवंगत बेटे आयुष के बारे में बात करते हुए इमोशनल हो गए थे। वहीं ‘हीरामंडी’ एक्टर ने अपने बेटे की मौत को याद करते हुए बताया कि आयुष की मौत एंडोमायोकार्डियल फाइब्रोसिस (ईएमएफ) के कारण हुई थी। साथ ही खुलासा किया कि इन सबके बाद वो और उनका परिवार कैसा महसूस करता है।

पार्थिव शरीर के साथ पूरी रात रहा

अभिनेता ने बताया, ‘मैं उसके पार्थिव शरीर के साथ पूरी रात, पूरे दिन लेटा रहा और बहुत रोया. अलका भी बहुत रोई थी, लेकिन आखिरकार वह संभल गई.’शेखर सुमन ने कहा, ‘माता-पिता के लिए इससे बड़ी पीड़ा और दुख क्या हो सकती है कि वे अपने बच्चे का अंतिम संस्कार करें. हमें उम्मीद थी कि समय दर्द को कम करेगा, क्योंकि इससे घाव ठीक हो जाएंगे. मगर हमारा दर्द और बढ़ गया.’ उन दिनों मैं मन की शांति के लिए बौद्ध धर्म के मार्ग पर चल रहा था। बाद में आयुष को भ्रांतियां होने लगी। वह कुछ भी बोलने लगता था। अलका से उसकी हालत नहीं देखी जा रही थी। आप यकीन करेंगे एक दिन उसने खुद भगवान से प्रार्थना की कि आयुष को मुक्ति मिल जाए। एक मां के लिए इससे बड़ा दर्द क्या होगा’।

शेखर सुमन के परिवार का हाल

शेखर सुमन ने कहा कि बेटे की मौत के पहले ही मेरा परिवार शोक मना रहा था, लेकिन कुछ लोगों ने हमे इस त्रासदी से उबरने में मदद की। उन्होंने कहा, ‘हम उसके जाने से पहले सालों तक रोते रहे। उसे आठ महीने का समय दिया गया था, वह चार महीने तक ही जीवित रहा। आयुष ने 11 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कह दिया। वह मेरे जीवन का सबसे कठिन समय था। मैंने बहुत कुछ सहा है, बहुत कुछ देखा है, लेकिन मैं ईश्वर का और उन लोगों का आभारी हूं जिन्होंने मेरी मदद की। माता-पिता के लिए अपने बच्चे को खोने से बड़ा कोई दुख नहीं होता है।’

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