रायबरेली-अमेठी में राहुल-प्रियंका पर अभी भी सस्पेंस, कांग्रेस की CEC बैठक में हो जाएगा फैसला

नई दिल्लीः उत्तर प्रदेश में गांधी परिवार के मजबूत दुर्ग माने जाने वाले रायबरेली और अमेठी सीट पर अभी भी सस्पेंस बना हुआ है. अमेठी और रायबरेली सीट से इस बार गांधी परिवार से कोई चुनावी मैदान में उतरेगा या फिर कांग्रेस किसी और को उतारेगी, इसे लेकर कशमकश की स्थिति बनी हुई है. ऐसे में बीजेपी ने अमेठी से स्मृति ईरानी को तो उतार रखा है, लेकिन रायबरेली से अभी कैंडिडेट घोषित नहीं किए हैं. बीजेपी और कांग्रेस में चल रहे शह-मात के बीच बसपा ने रायबरेली सीट से ठाकुर प्रसाद यादव को प्रत्याशी बनाकर कांग्रेस की टेंशन बढ़ा दी है.

अमेठी-रायबरेली सीट पर मंथन

कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी ने इस बार रायबरेली से चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया और वह राजस्थान से राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुईं हैं। उन्होंने दो दशक तक इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया। राहुल गांधी 2004 से 2019 तक अमेठी से लोकसभा सदस्य रहे। 2019 के लोकसभा चुनाव BJP की उम्मीदवार और केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी से उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। ऐसी अटकलें है कि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा इन सीटों से चुनाव लड़ सकते हैं। हालांकि पार्टी की ओर से अब तक पुष्टि नहीं की गई है। पिछले दिनों गाजियाबाद में एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान जब राहुल गांधी से अमेठी से चुनाव लड़ने के बारे में सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि यह फैसला पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में होगा। पार्टी का जो भी आदेश होगा, वह उसे मानेंगे। राहुल गांधी केरल वायनाड से लोकसभा चुनाव लड़ रहे हैं जहां शुक्रवार को वोटिंग हुई।

राहुल और प्रियंका लेंगे फैसला!

पांचवें चरण में रायबरेली और अमेठी सीट पर वोटिंग होनी है, जिसके लिए नामांकन प्रक्रिया भी शुरू हो गई है. ऐसे में कांग्रेस रायबरेली और अमेठी सीट पर उम्मीदवारों के नाम का ऐलान करने से पहले दोनों क्षेत्रों के स्थानीय कार्यकर्ताओं को दिल्ली मंथन के लिए बुलाया है. कांग्रेस ने रायबरेली और अमेठी पर एक सर्वे कराया है, जिसमें निकलकर आया है कि अगर गांधी परिवार से कोई चुनाव लड़ता है, तो जीत निश्चित है. हालांकि, कांग्रेस चुनाव समिति ने इस पर कोई फैसला लेने के बजाय गांधी परिवार के ऊपर डाल रखा है. ऐसे में अब राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को निर्णय लेना है कि वो चुनाव लड़ेंगी कि नहीं.

यादव वोटों में बिखराव की संभावना

उत्तर प्रदेश में कांग्रेस और सपा का गठबंधन है, जबकि बसपा अकेले चुनावी मैदान में है. रायबरेली सीट पर बसपा ने ठाकुर प्रसाद यादव को प्रत्याशी बनाया है, जिससे यादव वोटों में बिखराव का खतरा बन गया है. बीएसपी का यादव दांव कांग्रेस के लिए चिंता बढ़ा सकता है क्योंकि इंडिया गठबंधन के चलते यादव वोटर कांग्रेस को मिलने की संभावना थी. रायबरेली लोकसभा की पांच में से चार विधानसभा सीटों पर सपा का कब्जा है. इसके अलावा यादव वोटर अच्छी खासी संख्या में हर सीट पर है.

रायबरेली और अमेठी सीट से गांधी परिवार क्या चुनाव लड़ेगा या नहीं?

बसपा के टिकट पर ठाकुर प्रसाद यादव के उतरने से यादव समुदाय के वोटों में बिखराव की संभावना बन गई है. इस वजह से रायबरेली में कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ सकती है. बीजेपी ने रायबरेली सीट से अभी तक किसी को उम्मीदवार घोषित नहीं किया, लेकिन पिछले चुनाव में दिनेश प्रताप सिंह ने कांग्रेस को कांटे की टक्कर दी थी. इस बार फिर से बीजेपी के टिकट के दावेदारों में दिनेश प्रताप सिंह भी शामिल हैं. इसके अलावा भी कई नाम चर्चा में हैं, लेकिन बीजेपी को भी कांग्रेस के उम्मीदवार का इंतजार है. देखना है कि रायबरेली और अमेठी सीट से गांधी परिवार क्या चुनाव लड़ेगा या फिर नहीं, इस पर तस्वीर एक-दो दिन में साफ हो जाएगी.

कांग्रेस ने नरेंद्र मोदी पर कसा तंज

कांग्रेस ने शुक्रवार को पीएम मोदी पर अपने मेनिफेस्टो को लेकर कटाक्ष बोला। कांग्रेस ने तंज कसते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी ने जिस तरह से कांग्रेस मेनिफेस्टो का प्रचार करके उसे घर-घर पहुंचाया, उसके लिए उनका दिल से शुक्रिया। कांग्रेस की ओर से यह कटाक्ष मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने किया। उन्होंने कहा कि हमारे पास इतना पैसा नहीं था कि हम अपने मेनिफेस्टो का प्रचार कर सकें। उन्होंने हमारा प्रचार कर दिया। खेड़ा ने चुटकी लेते हुए कहा कि मोदी जी जहां भी प्रचार करने जाते हैं, कांग्रेस की सीटें बढ़ा देते हैं। उम्मीद है आने वाले पांच चरणों में भी आप ऐसा ही करेंगे। खेड़ा ने आरोप लगाया कि वह पीएम मोदी लगातार झूठ बोल रहे हैं, उनकी बातों पर लोगों का भरोसा कम हो रहा है। कांग्रेस का कहना था कि कई मामलों में गिरावट दर्ज की गई। डॉलर के मुकाबले रुपया गिरा है तो वहीं मीडिया की अभिव्यक्ति की आजादी के सूचकांक और हंगर इनडेक्स में भारत की रैंकिंग गिरी है।

रायबरेली-अमेठी में राहुल-प्रियंका पर अभी भी सस्पेंस

अमेठी और रायबरेली सीट पर पांचवें चरण यानी 20 मई को वोटिंग होनी है. इन दोनों ही सीटों से गांधी परिवार का जुड़ाव है. इसलिए कहा जा रहा है कि दोनों ही सीट पर गांधी परिवार के ही सदस्य चुनाव लड़ेंगे. राहुल गांधी क्या केरल की वायनाड सीट के साथ-साथ अमेठी से चुनावी मैदान में उतरेंगे या फिर किसी और को मौका देंगे? वहीं, सोनिया गांधी के द्वारा खाली की गई रायबरेली सीट से कौन चुनाव लड़ेगा, प्रियंका गांधी चुनावी मैदान में होंगी या फिर कांग्रेस किसी और को टिकट देगी?

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