ये संकेत बताते हैं कि मुंह के कैंसर की हो चुकी है शुरुआत,इन हिस्सों में दिखते हैं Mouth Cancer के लक्षण-जानें

नई दिल्लीः हर तरह के कैंसर के लिए आज भी मुकम्मल इलाज नहीं है. जो इलाज है अगर शुरुआत में इसका पता चल गया तो ही कुछ जीने की उम्मीद होती है. इसलिए कैंसर का नाम सुनते ही लोगों के पैरों के नीचे जमीन खिसक जाती है. डब्ल्यूएचओ के मुताबिक हर 6 में से एक मौत कैंसर से होती है. कैंसर का इलाज तभी संभव है जब इसका शुरुआती दौर में पता चल जाए लेकिन जागरूकता के अभाव में हम इसके बारे में अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं. कुछ ऐसी शारीरिक परेशानियां हैं जिन्हें हम मामूली समझ लेते हैं और कैंसर के लक्षण भी इसी मामूली संकेतों से शुरू होते हैं. मुंह के कैंसर में इसी तरह से हल्के लक्षण दिखते हैं. इसलिए यदि समय पर मुंह के कैंसर के संकेतों पर ध्यान दिया जाए तो इस घातक बीमारी से बचा जा सकता है.

​क्या होता है मुंह का कैंसर

मायो क्लिनिक के अनुसार, मुंह का कैंसर तब होता है, जब होठों पर या मुंह में कोशिकाएं अनियंत्रित रूप से बढ़ने लगती हैं। यह कैंसर सपाट, पतली कोशिकाओं से शुरू होता है, जो आपके होंठों और आपके मुंह के अंदर की रेखा बनाते हैं।मुंह के अंदर होने वाले कैंसर को ओरल कैंसर या ओरल कैविटी कैंसर भी करते हैं। मुंह का कैंसर होंठ, मसूड़ों, जीभ, गालों की अंदरूनी परत, मुंह का ऊपरी हिस्सा और मुंह के तल में हो सकता है।

माउथ कैंसर के संकेत

हालांकि किसी भी कैंसर के लक्षण बीमारी लगने के तुरंत बाद नहीं दिखते हैं लेकिन जैसे ही यह विकसित होते हैं कुछ मामूली लक्षण दिखने लगते हैं. मुंह के कैंसर होने पर मुंह के अंदर एक सफेद या लाल रंग का पैच बन जाता है. इसके साथ ही दांतों में ढीलापन आने लगता है. वहीं मुंह के अंदर लंप या कुछ गांठ की तरह बढ़ने लगता है मुंह में अक्सर दर्द होने लगता है. इतना ही नहीं मुंह में कैंसर होने पर कानों में भी दर्द होने लगता है. जब बीमारी बढ़ जाए तो भोजन निगलने में दिक्कत होती है.
होंठ या मुंह का घाव हो जाता है जो इलाज कराने के बाद ठीक नहीं होता.

​इन लक्षणों से शुरू हो सकता है मुंह का कैंसर

होंठ या मुंह का घाव जो ठीक नहीं हो रहा हो
मुंह के अंदर एक सफेद या लाल रंग का पैच
कमजोर दांत
मुंह के अंदर गांठ
मुंह में दर्द
कान में दर्द
निगलने में कठिनाई
बोलने में बदलाव

दर्द जो ठीक नहीं होता

मुंह के छाले या होठों पर घाव बहुत से लोगों में देखे जाते हैं और मुख्य रूप से विटामिन सी की कमी के कारण होते हैं, यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि जो घाव ठीक नहीं होते हैं वे कैंसर हो सकते हैं. अगर आपके मुंह के छाले हैं और यह अधिक समय तक बना रहता है, तो डॉक्टर से संपर्क करें.

मुंह में सफेद दाग

मुंह के अंदर सफेद या कभी-कभी लाल रंग का पैच कैंसर का संकेत दे सकता है. हालांकि इसके पीछे कई कारण हैं जैसे गैस्ट्रिक समस्या या मुंह में संक्रमण, लेकिन अगर यह स्वाद या यहां तक कि बोलने को भी प्रभावित करता है, तो चिकित्सा सहायता लेने की सलाह दी जाती है.

ढीले दांत

अगर आपके दांत ढीले हो जाते हैं और बिना किसी कारण के गिर जाते हैं, तो आपको हमेशा कुछ गंभीर होने का अनुमान लगाना चाहिए और डॉक्टर से मिलने में देर नहीं करनी चाहिए.

मुंह में दर्द

मुंह में दर्द जो लंबे समय तक बना रहता है, उसे चिकित्सकीय रूप से निपटाया जाना चाहिए. हालांकि मुंह में दर्द के कई कारण हो सकते हैं, लेकिन सबसे खराब कारणों से इंकार नहीं करना चाहिए.

कान में दर्द

अगर आपके कान बिना संक्रमित हुए चोटिल हुए हैं, तो किसी विशेषज्ञ से कान, नाक और गले की पूरी जांच कराएं. देरी करने पर हालात बिगड़ सकते हैं.

निगलने में दर्द

मुंह में कैंसर निश्चित रूप से आपके खाने के तरीके को प्रभावित करेगी. चबाने से लेकर निगलने तक, मुंह में कैंसर कोशिकाओं की वृद्धि मुंह के हर सामान्य कामकाज को प्रभावित करेगी. अगर आपको भोजन निगलने में कठिनाई होती है, तो तुरंत डॉक्टर के पास जाएं.

​नियमित चेकअप से 1st Stage पर कर सकते हैं मुंह के कैंसर का पता

Cancer.net के अनुसार, यदि शुरुआती स्टेज पर मुंह के कैंसर का पता लग जाए तो, उपचार के बाद 5 साल जीवित रहने की दर सभी लोगों के लिए 5 साल होती है।मुंह के कैंसर के लक्षणों को आमतौर पर अन्य या कम गंभीर स्थितियों के रूप में समझने की गलती हो जाती है। इसमें मुख्य रूप से दांत का दर्द, और छाले शामिल है। ऐसे में यह सुझाव दिया जाता है कि नियमित डेंटल चेकअप कराएं। यह लक्षणों के सही कारणों का पता लगाने का सबसे अच्छा तरीका होता है।

मुंह के कैंसर का कारण

मुंह के कैंसर में मुंह की कोशिकाओं के अंदर डीएनए में म्यूटेशन होने लगता है. एक तरह से यह बीमारी कोशिकाओं के डीएनए को क्षतिग्रस्त कर देता है. डीएनए क्षतिग्रस्त होने के कई कारण हो सकते हैं. कई तरह के पर्यावरणीय कारण, तंबाकू में मौजूद केमिकल, सूर्य की अल्ट्रावायलेट किरणें, फूड में मौजूद टॉक्सिन रसायन, रेडिएशन, संक्रामक एजेंट, अल्कोहल में मौजूद रसायन, बैंजीन, एस्बेस्टस, अर्सेनिक, बेरेलियम, निकेल जैसे कैंसर काउजिंग सब्सटांस आदि कोशिकाओं के डीएनए को क्षतिग्रस्त कर देते हैं.

इन लोगों को है ज्यादा खतरा

जो लोग तंबाकू का किसी भी रूप में सेवन करते हैं, उन्हें मुंह के कैंसर का खतरा कई गुना ज्यादा है. चाहे वह सिगरेट, बीड़ी, सिगार या तंबाकू का ही सेवन क्यों न कर रहे हो. वहीं बहुत अधिक अल्कोहल लेने वाले को भी मुंह के कैंसर का खतरा है. शारीरिक संबंधों से फैलने वाले ह्यूमन पेपिलोमावायरस से भी मुंह का कैंसर हो सकता है. इसलिए सुरक्षित यौन संबंध बनाना चाहिए. जिस व्यक्ति की इम्यूनिटी कमजोर होती है, उसे भी मुंह के कैंसर का खतरा रहता है.

कैसे करें बचाव

मुंह का कैंसर या किसी अन्य तरह के कैंसर से बचाव के लिए तंबाकू का किसी भी रूप में सेवन नहीं करना चाहिए. शराब से परहेज करना चाहिए. बहुत ज्यादा धूप में नहीं रहना चाहिए. मुंह से संबंधित परेशानियों में लगातार डॉक्टरों से संपर्क में रहना चाहिए. हेल्दी खाना खाए. हरी सब्जी, फ्रूट्स और साबुत अनाज का सेवन ज्यादा करें. प्रोसेस्ड फूड, सैचुरेटेड फूड, डिब्बाबंद फूड से दूर रहें.

​कितनी बार कराना चाहिए डेंटल चेकअप

NHS के मुताबिक, मुंह से संबंधित किसी भी गंभीर परेशानी से बचने के लिए जरूरी है, रेगुलर डेंटल चेकअप। ओरल हेल्थ को मेंटेन रखने के लिए आपको केवल साल में एक बार डेंटल चेकअप कराने की आवश्यकता होती है। लेकिन अधिक समस्याओं वाले लोगों को अधिक बार चेक-अप की जरूरी हो सकता है।

कैसे करें माउथ कैंसर के जोखिम को कम

माउथ कैंसर का सबसे ज्यादा जोखिम तम्बाकू वाले पदार्थों से होता है। इसका किसी भी रूप में सेवन आपके जोखिम को कई गुना तक बढ़ा सकता है। ऐसे में इससे परहेज करें। साथ ही होठों को अत्यधिक धूप के संपर्क से बचाएं।

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