मुंबई में चिकन शवारमा खाने से 19 साल के युवक की मौत,इस मामले में दो की हुई गिरफ्तारी

नई दिल्लीः दुनिया में खाने का शौकीन किस शख्स को नहीं होता, कुछ लोग तो इतने फूडी होते हैं कि वो अपनी पसंद की चीज खाने के लिए कई किलोमीटर का सफर करने से भी नहीं चूकते. लेकिन अगर कोई चीज किसी खाने से किसी की जान चली जाई तो यकीनन हर कोई डर जाएगा. दरअसल हाल ही में मुंबई से एक ऐसा ही वाकया सामने आया है. जहां शवारमा खाने से एक 19 वर्षीय शख्स की मौत हो गई.

मुंबई में दो सप्ताह के भीतर फूड पॉइजनिंग की ये दूसरी घटना

मुंबई में खराब चिकन शोरमा खाने से 19 साल के एक युवक की मौत हो गई है। इस मामले में पुलिस ने शवरमा बेचने वाले दो लोगों को गिरफ्तार किया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, शोरमा खाने के बाद युवक बीमार पड़ गया और उसका अस्पताल में कई बार इलाज करवाया गया। लेकिन उसे बचा नहीं जा सका। मृतक की पहचान प्रथमेश भोकसे के रूप में हुई है। आपको बता दें कि मुंबई में दो सप्ताह के भीतर फूड पॉइजनिंग की ये दूसरी घटना है। इससे पहले, अप्रैल के आखिरी हफ्ते में गोरेगांव में सड़क किनारे एक विक्रेता से चिकन शवरमा खाने के बाद 12 लोगों को फूड पॉइजनिंग के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया था

शवारमा खाने से पेट में तेज दर्ज और उल्टी हुई

इस मामले में पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है. एक अधिकारी ने मंगलवार को बताया कि प्रथमेश भोकसे नामक व्यक्ति ने 3 मई को ट्रॉम्बे इलाके में आरोपी के स्टॉल से खाने के लिए चिकन शवारमा खरीदा था. 4 मई को प्रथमेश भोकसे को पेट में तेज दर्द और उल्टी हुई और वह इलाज के लिए पास के एक नगर निगम अस्पताल गया. इलाज के बाद घर लौटने पर फिर से भोकसे की तबीयत खराब होने लगी, जिसके बाद उसके परिवार के सदस्य उसे 5 मई को सरकारी केईएम अस्पताल ले गए.

अस्पताल में कई बार इलाज

ट्रॉम्बे पुलिस स्टेशन के अधिकारी ने बताया कि डॉक्टर ने उसका इलाज किया और उसे घर भेज दिया. अगले दिन जब उसकी हालत बिगड़ी तो उसे फिर से अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टर ने उसकी जांच की. इस बार जांच के बाद उसे भर्ती कर लिया गया. अधिकारी ने बताया कि अस्पताल प्रशासन ने मामले की सूचना पुलिस को देने का फैसला किया, जिसने अज्ञात लोगों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 336 (दूसरों के जीवन या व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालने वाला कृत्य) और 273 (हानिकारक भोजन या पेय की बिक्री) के तहत प्राथमिकी दर्ज की.

फूड वेंडर्स निकले दोषी 

पुलिस ने जांच के बाद प्रथमेश की मौत के लिए दो फूड वेंडर्स को दोषी माना है। पुलिस ने दोनों फूड वेंडर्स आनंद कांबले और अहमद शेख को गिरफ्तार कर लिया है और उनके खिलाफ आईपीसी की धारा 304 के अलावा कई अन्य धाराओं के तहत मुकदमा भी दर्ज कर लिया है।

फूड पॉइजनिंग क्या है?

फूड पॉइजनिंग एक प्रकार की खाद्य जनित बीमारी है, जो दूषित खाद्य पदार्थों का सेवन करने से होती है। जब कोई खाद्य पदार्थ बैक्टीरिया, वायरस या परजीवियों से दूषित हो जाता है और हम उसे खा लेते हैं, तो इससे फूड पॉइजनिंग हो जाती है।

फूड पॉइजनिंग के लक्षण

पेट में दर्द और ऐंठन

दस्त

जी मिचलाना

उल्टी होना

भूख में कमी

बुखार

कमजोरी

सिरदर्द

फूड पॉइजनिंग से बचने के उपाय

जब भी आप बाहर किसी दुकान या होटल में कुछ खाएं, तो ऐसी जगह से खाएं जहां साफ-सफाई हो।शोरमा खाने के दौरान इस बार पर गौर करें कि चिकन या मीट को ठीक से पकाया गया हो और शवर्मा ताजा हो।अगर आपको खाने से अजीब सी स्मेल आ रही हो, तो उसका सेवन करने से बचें।

इस मामले में दो की गिरफ्तारी

अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने बाद में दो खाद्य विक्रेताओं – आनंद कांबले और अहमद शेख को गिरफ्तार कर लिया और उन पर धारा 304 (गैर इरादतन हत्या) सहित भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया.

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