मसालों की भी होती है एक्सपायरी डेट,कैसे पता चलेगा कि वो खराब हो गए हैं?

नई दिल्लीः हर घर के किचन में तरह-तरह के मसाले और हर्ब्स मिल जाएंगे. ये मसाले और हर्ब्स खाने के स्वाद में इजाफा तो करते ही हैं, सेहत को भी कई तरह से लाभ पहुंचाते हैं. लौंग, हल्दी, रोजमेरी, दालचीनी, सेज (sage), काली मिर्च, जावित्री, बड़ी, छोटी इलायची, सूखी लाल मिर्च, तेजपत्ता, अजवाइन, जीरा, मेथी आदि के साथ ही पाउडर मसालों का भी खूब इस्तेमाल किया जाता है. इनमें ढेरों पोषक तत्व मौजूद होते हैं, खासकर एंटीऑक्सीडेंट, एंटी-इंफ्लेमेटरी प्रॉपर्टीज. हालांकि, कई बार जानकारी के अभाव में लोग एक ही मसाले को कई महीने, सालों तक इस्तेमाल करत रहते हैं. खासकर, सूखे साबुत मसाले, क्योंकि ये डेली अधिक इस्तेमाल में नहीं आते हैं. तो क्या मसालों का भी कोई एक्सपायरी डेट होता है? चलिए जानते हैं किस मसाले को आप कितने दिनों तक इस्तेमाल कर सकते हैं और इन्हें कैसे स्टोर करना चाहिए ताकि ये जल्दी खराब ना हों.

हर्ब्स और मसालों की शेल्फ लाइफ

हेल्थलाइन में छपी एक खबर के अनुसार, मसाले (spices) किसी पौधे की सूखी जड़ों, छाल या तने से तैयार होते हैं, जबकि जड़ी-बूटियां (herbs) पौधे की सूखी या ताज़ी पत्तियां होती हैं. जब सूखी जड़ी-बूटियों और मसालों के शेल्फ लाइफ को निर्धारण करने की बात होती है तो उनके प्रकार, प्रॉसेसिंग और भंडारण यानी स्टोरेज शामिल हैं. उदाहरण के लिए, सूखे मसाले सूखी जड़ी-बूटियों की तुलना में अधिक समय तक चलते हैं. मसाला जितना अधिक साबुत या कम प्रॉसेस्ड होता है, उसकी शेल्फ लाइफ उतनी ही लंबी होती है.

कैसे किया है मसालों को स्टोर

मसालों की वैसे तो कोई सटीक एक्सपायरी डेट नहीं बताई जाती है, लेकिन लंबे वक्त तक मसाले रखे रहें तो इनकी गुणवत्ता, स्वाद और सुगंध में फर्क दिखाई देने लगता है. हालांकि आपको मसाले कितने वक्त में बदलने की जरूरत है? यह इस बात पर निर्भर करता है कि मसाले को किस तरह से स्टोर किया गया है और आप कितनी बार मसालों का इस्तेमाल कर रहे हैं. इसके अलावा यह भी जानना जरूरी है कि कौन से मसाले हैं क्योंकि कुछ मसाले जल्दी खराब हो जाते हैं.

साबूत या बिना पिसे मसालों की शेल्फ लाइफ सबसे लंबी होती है

साबूत या बिना पिसे मसालों की शेल्फ लाइफ सबसे लंबी होती है, क्योंकि उनकी सतह का कम हिस्सा हवा, रोशनी और नमी के संपर्क में आता है. इनमें मौजूद सुगंधित तेलों और फ्लेवर कम्पाउंड लंबे समय तक बने रहते हैं. इन्हें यदि अच्छी तरह से स्टोर किया जाए तो आप इन मसालों का इस्तेमाल कम से कम 4 साल तक कर सकते हैं. इनमें निम्न मसाले शामिल हैं-

साबुत काली मिर्च
धनिया
सरसों के बीज
सौंफ के बीज
जीरा
साबुत जायफल
लौंग
दालचीनी
साबूत सूखी मिर्च
लेमनग्रास

कितने दिनों में बदल देने चाहिए मसाले

मसालों को बदलने की बात करें तो आप 1 से 3 साल में मसालों को बदल सकते हैं. यहां पर ध्यान देने की जरूरत यह है कि साबुत मसालों की शेल्फ लाइफ आमतौर पर पिसे मसालों की तुलना में ज्यादा होती है, क्योंकि पिसे मसालों के हवा के संपर्क में आने पर खराब होने की संभावना ज्यादा होती है, जबकि साबुत मसालों के ऊपर आवरण चढ़ा होता है, जो उन्हें खराब होने से बचाता है. इसलिए साबुत मसालों को आप ज्यादा समय के लिए स्टोर कर सकते हैं. सही मायनों में कहा जाए तो मसाले खराब नहीं होते हैं, बल्कि समय के साथ या स्टोर करते वक्त की गई गलतियों की वजह से मसाले अपना सही स्वाद और सुगंध खो देते हैं.

कैसे पहचानें की मसाले हो गए हैं खराब

आमतौर पर ड्राइड हर्ब्स और मसाले एक्सपायर या जल्दी खराब नहीं होते, लेकिन जब किसी मसाले का स्वाद, पोटेंसी और रंग बदला गया हो तो आप उसे बदल सकते हैं. इसका ये मतलब नहीं कि आप इन्हें भोजन में इस्तेमाल करेंगे तो आप बीमार हो जाएंगे. इसकी संभावना काफी कम होती है. वैसे सभी मसालों के पैकेट पर इन्हें इस्तेमाल करने की डेट दी होती है, जो उस समय सीमा को दर्शाती है, जिसके दौरान वे सबसे बेहतरीन स्वाद और गुणवत्ता कायम रखते हैं. यदि आप डेट निकल जाने के बाद भी इनका सेवन करते हैं तो कोई अधिक नुकसान नहीं होगा, लेकिन पहले की तुलना में ये अधिक स्वाद, अरोमा, फ्लेवर, क्वालिटी, रंग भोजन में एड नहीं करेंगे. हां, फफूंद, नमी हो तो बदल देना ही बेहतर है.

क्या सेहत पर होता है कोई असर

खराब हो चुके मसालों का वैसे तो कोई खास साइड इफेक्ट नहीं देखा गया है, लेकिन कई बार ये हानिकारक बैक्टीरिया की वजह से दूषित भी हो सकते हैं, खासतौर पर जब मसाले नमी के संपर्क में आकर खराब हुए हो या फिर सही से स्टोर न किया गया हो. इस स्थिति में खराब हुए मसाले सेहत को नुकसान पहुंचा सकते हैं.

अलग-अलग तरीके के होते हैं मसाले

फ्रेश मसाले- फ्रेश मसाले जैसे अदरक और लहसुन सूखाकर रखने के बाद इनमें अधिक स्वाद होता है, लेकिन इन्हें ज़्यादा समय तक नहीं रखा जा सकता है।

साबुत सूखे मसाले- इन्हें अधिक समय तक रखा जा सकता है। साबुत मसालों को बारीक पाउडर बनाने के लिए टोस्ट किया जाता है और इससे स्वाद और ताजगी दोनों बढ़ जाती है।

ग्राउंड मसाले- ग्राउंड मसाले जो हम बाजार से ख़रीदते हैं, इन मसलों की ताजगी समय के साथ कम होती जाती है, और आमतौर पर यह दो से तीन साल से अधिक नहीं रहते हैं।

सेल्फ लाइफ बढ़ाने के लिए मसालों को ऐसे करें स्टोर

हवा के संपर्क को कम करने के लिए एयर टाइट ग्लास जार या कंटेनर में मसाले स्टोर करें।

सूरज की रोशनी से दूर एक शांत, शुष्क और अंधेरी जगह पर मसालों को स्टोर करें ताकि गर्मी, प्रकाश और नमी के संपर्क को कम किया जा सके।

हर्ब या मसाले का उपयोग करते समय, इसे सीधे डिश के ऊपर कंटेनर से न छिड़कें, क्योंकि डिश से गर्म भाप कंटेनर में प्रवेश कर सकती है जिसकी वजह से मसालों में नमी आने की सम्भावना रहती है। इसके बजाय डिश में हर्ब या फिर मसालों को डालने के लिए चम्मच का उपयोग करें।

अगर आप अपने मसाला कंटेनरों में किसी भी मोल्ड को नोटिस करते हैं, तो उसे तुरंत फेंक दें।

आप ग्लास कंटेनर, सिरेमिक जार में मसाले स्टोर कर सकती हैं क्योंकि वे सबसे अच्छे विकल्प हैं। प्लास्टिक के कंटेनरों का भी उपयोग किया जा सकता है, लेकिन वे विभिन्न मसालों के रंग और गंध को अवशोषित कर सकते हैं और हवा भी मसालों में प्रवेश कर सकती हैं।

आप स्टेनलेस स्टील के कंटेनर में मसाले स्टोर कर सकते हैं, लेकिन सुनिश्चित करें कि यह स्टोव से दूर स्टोर हो। मसाले और हर्ब को रेफ्रिजरेटर में स्टोर करने की आवश्यकता नहीं है।

एक्सपायर हो चुके मसाले खाने के नुकसान

एक्सपायर हो चुके मसालों का सेवन करने के ये नुकसान हो सकते हैं-

मसाले समय से पहले एक्सपायर हो जाने पर उसका स्वाद, रंग और गुणवत्ता पर प्रभाव पड़ता है, जिससे भोजन की गुणवत्ता कम हो जाती है।

एक्सपायर हो चुके मसालों में बैक्टीरिया और फंगस ग्रो हो सकते हैं, ज‍िसे खाने से बीमारियों का खतरा बढ़ा सकता है।

एक्सपायर हो चुके मसाले अधिकतर बैक्‍टीर‍ियल इन्‍फेक्‍शन का कारण बन सकते हैं, जो पाचन संबंधी समस्याओं जैसे कि पेट दर्द, उल्‍टी और अन्य पाचन संबंधी समस्‍याओं का कारण बन सकते हैं।

एक्सपायर हो चुके मसाले फूड एलर्जी या फूड पॉइजनिंग का कारण बन सकते हैं, ज‍िससे गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। 

एक्सपायर हो चुके मसालों में विटामिन और मिनरल्स की मात्रा कम हो सकती है, जो स्वास्थ्य के लिए जरूरी होते हैं।

इसलिए, संतुलित और स्वस्थ भोजन के लिए समय से पहले एक्सपायर न होने वाले मसालों का उपयोग करना बेहद महत्वपूर्ण है। अगर मसालों का समय से पहले एक्सपायर हो जाने का डर है, तो उन्हें नए मसालों से बदल देना बेहतर होता है।

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