ब्रेन पावर सुपर फूड : कम हो गई है ब्रेन पावर,तो इन फूड का करें सेवन , Robot से भी तेज चलेगा दिमाग

नई दिल्लीः पैदा होने से लेकर प्राण निकलने तक, हमारा दिमाग हमेशा और हर समय काम करता रहता है. ये तब भी काम करता है, जब हम सो रहे होते हैं. यही कारण है कि हमें सोते हुए सपने दिखाई देते हैं. लगातार ऐक्टिव रहने वाले अपने दिमाग को थकान से बचाने के लिए हम कुछ ऐसी ऐक्टिविटीज कर सकते हैं, जो बहुत आसान हैं, एकदम मुफ्त हैं और इनके फायदे हजार हैं.

ब्रेन पावर के लिए इन फूड का करें सेवन

केवल बादाम खाने से ही आप इंटेलीजैंट नहीं बन सकते. मेमोरी को शार्प करने के लिए कुछ फल भी असर करते है. अनार में सबसे अधिक पोषक तत्व होते है. अनार खाने से केवल खून ही नहीं बढता बल्कि याददाश्त भी बढ़ती है. आमतौर पर किसी भी व्यक्ति का तेज दिमाग उसके मानसिक स्वास्थ्य पर निर्भर करता है. माना जाता है कि यदि दिमाग स्वस्थ हो तो यादाश्त भी बेहतर होगी.

हरी-पत्तेदार सब्जियां

पालक, ब्रोकली, खूब खाएं. इनमें विटामिन के, ल्यूटिन, फॉलेट, बीटा कैराटिन आदि होते हैं, जो दिमाग को स्वस्थ रखते हैं.

कद्दू के बीज

कद्दू के बीजों का सेवन करना भी काफी हेल्दी होता है दिमाग को स्वस्थ रखने के लिए. इसमें जिंक मौजूद होता है. जिंक मेमोरी पावर को बढ़ाता है। साथ ही थिंकिंग स्किल्स को भी बेहतर करता है. बच्चों को भी इसे खाने के लिए जरूर दें, ताकि उनकी याद करने की क्षमता और अधिक विकसित हो सके.

अखरोट

अखरोट दिमाग के लिए काफी हेल्दी होता है. इसमें कई ऐसे पोषक तत्व मौजूद होते हैं, जो दिमाग की सेहत (Walnut For Brain Health) को दुरुस्त करते हैं. अखरोट खाने से दिमाग की कार्य क्षमता बढ़ती है. दिमाग एक्टिव रहता है. अखरोट में विटामिन ई, कॉपर, मैंगनीज, होते हैं, जो ब्रेन पावर को (Foods For Brain Health) बढ़ाते हैं.

डार्क चॉकलेट

डार्क चॉकलेट में कोको होता है. कोको में एक प्रकार का एंटीऑक्सीडेंट होता है जिसे फ्लेवोनॉयड्स कहते हैं. एंटीऑक्सिडेंट दिमाग के स्वास्थ्य के लिए जरूरत होती है. क्योंकि तनाव का सीधा असर दिमाग पर ही पड़ता है. यह याददाश्त बनाए रखने और दिमागी बीमारियों से लड़ने में मदद हो सकता है.

बेरी

बेरी में एंटीऑक्सीडेंट फ्लेवोनॉएड्स मौजूद होता है, जो ब्रेन सेल्स को मजबूत करता है. दिमाग की शक्ति को बढ़ाता है. आप अपने बच्चों को भी स्ट्रॉबेरी, ब्लूबेरी, ब्लैकबेरी, रैस्पबेरी आदि खाने के लिए दे सकती हैं.

सोया प्रोडक्ट

पॉलीफेनोल्स की कमी का असर याददाश्त पर पड़ सकता है. सोया उत्पादों में आइसोफ्लेवोन्स नामक पॉलीफेनोल्स होते हैं. ये कैमिकल एंटीऑक्सिडेंट के रूप में कार्य करते हैं और दिमाग समेत पूरे शरीर में स्वास्थ्य लाभ देने में भी सहायक हो सकते हैं

दिमाग कमजोर होने के लक्षण

भूलना: हाल ही में सीखी गई जानकारी या महत्वपूर्ण तिथियों को भूलना और एक ही जानकारी के लिए बार-बार पूछना।

ध्यान न लगाना: कार्यों पर ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई, ध्यान की कमी का अनुभव करना, और आसानी से विचलित हो जाना।

देरी से प्रतिक्रिया: जानकारी प्रोसेस करने, निर्णय लेने या सवालों का जवाब देने के लिए सामान्य से अधिक समय लेना।

समस्याएं हल करने में कठिनाई- ऐसी समस्याएं हल करने में कठिनाई आ रही है जिनमें विचार शक्ति या तार्किक तर्क की आवश्यकता होती हैं।

शब्द तलाशने की समस्या- सही शब्द ढूंढने में कठिनाई, बात करते समय बार-बार ठहराव या वर्बल संवाद में कठिनाई।

दिमाग बढ़ाने वाले खाद्य पदार्थ

अपनी डाइट में ऐसे खाद्य पदार्थों को शामिल करें, जो याददाश्त में मदद करते हैं, जैसे पत्तेदार हरी सब्जियां, नट्स, बेरीज, चाय, कॉफी और ऑयली फिश, आपके मस्तिष्क को मजबूत करते हुए आपके समग्र स्वास्थ्य को बढ़ावा देने का एक शानदार तरीका है।

ब्लूबेरी

ब्लूबेरी में जामुन, स्ट्रॉबेरी जैसे फ्रूट आते हैं. ये फ्रूट ब्रेन पावर बढ़ाने के लिए बेहद कारगर होते हैं. हेल्थलाइन की खबर के मुताबिक ब्लूबेरी में एंथोसियानिन्स कंपाउड पाया जाता है जो एंटी-इंफ्लामेटरी और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होता है. एंटीऑक्सीडेंट्स के कारण दिमाग में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस नहीं बनता है और किसी तरह की सूजन को भी पनपने नहीं देता. ये दोनों चीजें ब्रेन पर एजिंग के असर को कम करती हैं.

हल्दी

हल्दी सिर्फ मसाले में ही इस्तेमाल नहीं होती बल्कि इसमें कई औषधीय गुण मोजूद होते है. हल्दी में मौजूद सक्रिय तत्व करक्यूमिन खून और मस्तिष्क के बीच में जितनी भी बाधाएं होती हैं, उनको कम करने में काम आता है. इसका अर्थ है कि यह सीधे मस्तिष्क में प्रवेश कर मस्तिष्क कोशिकाओं को लाभ पहुंचा सकता है.

बादाम

कई अध्ययनों में यह साबित हो चुका है कि बादाम खाने से हार्ट की सेहत में सुधार हो सकता है और स्वस्थ हृदय होने का मतलब स्वस्थ मस्तिष्क है. एक अध्ययन में पाया गया है कि नट्स के नियमित सेवन को वयस्कों में संज्ञानात्मक गिरावट के जोखिम को कम करता है. नट्स में मौजूद हेल्दी फैट, एंटीऑक्सिडेंट और विटामिन ई जैसे पोषक तत्व दिमाग पर एजिंग के असर को कम करता है.

दिमाग तेज करने वाली ऐक्टिविटीज

रोजाना एक्सरसाइज करें

नियमित व्यायाम करना मस्तिष्क कोशिकाओं के विकास और न्यूरोट्रांसमीटर के उत्पादन को बढ़ावा देता है, जिससे याददाश्त बढ़ती है। एरोबिक (कार्डियो) और स्ट्रेंथ एक्सरसाइज पर ज्यादा ध्यान दें।

नींद भी है जरूरी

यदि आप पर्याप्त नींद नहीं ले रहे हैं, तो आप अपनी स्मृति को नुकसान पहुंचा सकते हैं। प्रत्येक रात सात से नौ घंटे का लक्ष्य रखें। यह देखा गया है कि ध्यान, तनाव कम करना और सामाजिक संबंधों का अच्छा नेटवर्क बनाए रखना मस्तिष्क पर उम्र बढ़ने के प्रभाव को रोकता है।

पेट को खाली ना रखें

कम खाना और थोड़ी देर भूखा रहना वजन कम करने के लिए फायदेमंद होता है। कुछ शोध मानते हैं कि इससे कॉग्नीटिव पावर भी बढ़ती है। मगर अक्सर या ज्यादा लंबे समय तक पेट खाली रखने से पोषण की कमी हो सकती है और ब्रेन खराब हो सकता है।

7-8 घंटे दिमाग को दें आराम

अगर मशीन को भी लगातार इस्तेमाल किया जाए तो वो बेकार हो जाती है। जब हमारे दिमाग को आराम नहीं मिलता तो उसके साथ भी ऐसा ही होता है। नींद में शरीर का हर अंग रिलैक्स करता है और सेल्स खुद को रिपेयर करती हैं। इसलिए रोज 7-8 घंटे की नींद जरूर लें।

ध्यान

मस्तिष्क को ऐक्टिव और शार्प रखने के लिए सदियों पुराना उपाय है ध्यान (Meditation). हमारे ऋषि-मुनि और ज्ञानी लोग सदैव ध्यान लगाते थे. यही कारण था कि वे गणनाओं में बहुत माहिर हुआ करते थे और उन्हें बड़े-बड़े ग्रंथ जुबानी याद रहते थे. अगर विज्ञान के आधार पर बात करें तो ध्यान करने से ब्रेन अच्छी मात्रा में न्यूरॉन्स बनाने में सक्षम होता है.

जॉगिंग

जॉगिंग करना शरीर पर कई तरह से प्रभाव डालता है. यह पूरी शरीर को एक साथ ऐक्टिव रहता है साथ ही ब्रेन को भी इन्वॉल्व करता है. इसके साथ ब्रिस्क वॉक (Brisk Walk) करें और रस्सी कूदें. ये सभी शारीरिक गतिवियां शरीर को मजबूत और दिमाग को तेज बनाती हैं.

डायट

दिमाग को तेज रखने के लिए अपनी डायट में प्रोटीन और ओमेगा-3 फैटी एसिड की सही मात्रा का हमेशा ध्यान रखें. साथ में विटामिन-डी और कैल्शियम. ये सभी चीजें ब्रेन को हेल्दी रहने और सही तरीक से काम करने के लिए जरूरी हैं.

बाएं हाथ का उपयोग

हम सभी अपने ज्यादातर कामों को करने के लिए सीधे यानी दाएं हाथ का उपयोग अधिक करते हैं. लेकिन कई शोध में यह बात साबित हो चुकी है कि जो लोग दाएं के साथ ही अपने बाएं का हाथ का उपयोग भी बराबर तरीके से करते हैं, उनका दिमाग अन्य लोगों की तुलना में अधिक शार्प होता है और स्मार्ट डिसीजन लेता है.

टेट्रिस खेल

टेट्रिस यानी ब्लॉक जोड़ने वाला खेल जब आप खेलते हैं तो यह ब्रेन में उपस्थित ग्रे मैटर में वृद्धि करता है. यह ग्रे मैटर ही चीजों को याद रखने में सहायता करता है. इस तरह ब्लॉक खेलने से याद्दाश्त बढ़ती है और अच्छी याद्दाश्त बेहतर निर्णय लेने में मदद करती है.

थोड़ी देर की झपकी

दिन में जब भी थकान लगे तो आप 15 से 20 मिनट की एक झपकी (Nap) जरूर लें. इससे भी याद्दाश्त बेहतर होती है और व्यक्ति की तुलनात्मक अध्ययन करने की क्षमता बढ़ती है. यानी जब भी आपको कोई स्मार्ट और सही निर्णय लेना होता है तो पहले परिस्थितियों को जांचना होता है कि क्या करना सही रहेगा. ये जो कैल्कुलेटिव पॉवर होती है, दिन में झपकी लेने की आदत इस पॉवर को बढ़ाने में मदद करती है.

सुबह जल्दी उठना

सुबह ब्रह्म मुहूर्त में जागने या सूर्योदय से पहले उठने की आदत बना लें. ये दोनों ही पहर दिन की शुरुआत करने के लिए सबसे अच्छे होते हैं. इस समय उठने से ब्रेन में हैपी हॉर्मोन्स और इंटेलिजेंस हॉर्मोन्स का सीक्रेशन प्राकृतिक रूप से बढ़ता है. इसलिए सुबह जागना आपको शांत, समझदार और खुशमिजाज बनाता है. साथ में तनाव से भी दूर रखता है.

धूम्रपान छोड़ें

तंबाकू से निकलने वाला निकोटीन हार्ट और ब्लड वेसल्स को नुकसान पहुंचाता है, जिससे ब्रेन तक पहुंचने वाली ऑक्सीजन की मात्रा कम हो जाती है और याददाश्त खराब हो जाती है.

सोशलाइजेशन

हेल्दी रिलेशन डाइट और व्यायाम जितने ही जरूरी हो सकते हैं. एक अच्छा सोशल नेटवर्क बनाए रखना लंबी, हेल्दी लाइफ क्वालिटी से जुड़ा हुआ है. खासतौर से अगर आप अकेले रहते हैं, तो दोस्तों, परिवार और अन्य लोगों के साथ बातचीत करने के अवसर तलाशें.

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