दुनिया का तीसरा सबसे महंगा मसाला है इलायची ,बेहतर पाचन के साथ देती है कई फायदे-जानें

नई दिल्लीः इलायची को मसालों की रानी कहा जाता है. आमतौर पर खाद्य पदार्थों और ड्रिंक्स में एक मजबूत स्वाद और सुगंध जोड़ने के लिए इलायची (Elaichi) डाली जाती है. यह आमतौर पर स्वाद बढ़ाने के लिए चाय में मिलाई जाती है. ज्यादातर मसाले औषधीय गुणों (Medicinal Properties) से भरपूर होते हैं. इलायची के स्वास्थ्य लाभ (Cardamom Health Benefits) कई होते हैं. यह कई बीमारियों से लड़ने में आपकी मदद कर सकती है. इलायची को आप भारतीय रसोई में आसानी से पा सकते हैं. आपको बस अधिकतम लाभ पाने के लिए इसे अपनी दिनचर्या का हिस्सा 5 तरीकों से बनाने की जरूरत है. यहां इलायची के कुछ प्रभावशाली स्वास्थ्य लाभ दिए गए हैं साथ ही यह भी जानें कि इलायची का उपयोग कैसे करना है.

इलायची के स्वास्थ्य लाभ और इस्तेमाल करने का तरीका

ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में फायदेमंद

हाई ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने के लिए इलायची का सेवन किया जा सकता है. हाई ब्लड प्रेशर हृदय रोग के जोखिम को बढ़ा सकता है. इलायची के एंटीऑक्सीडेंट और मूत्रवर्धक गुण उच्च रक्तचाप के रोगियों को हेल्दी ब्लड प्रेशर लेवल को बनाए रखने में मदद कर सकते हैं.

आंखों के लिए फायदेमंद

इलायची में एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं, जो आंखों को सुरक्षित रखने में मदद करते हैं। इसमें एंटी इंफ्लेमेटरी गुण भी होते हैं, जो आंखों के लिए काफी लाभदायक होते हैं।

एंटी-बैक्टीरियल गुणों से भरपूर

इलायची में एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं जो विभिन्न प्रकार के संक्रमणों से लड़ने में मदद कर सकते हैं. आप अपनी त्वचा पर संक्रमण से लड़ने के लिए इलायची के आवश्यक तेल का उपयोग कर सकते हैं. आपको इस तेल का सेवन नहीं करना है बल्कि स्किन पर लगाना है. आपको इसको स्किन पर लगाने से पहले यह टेस्ट कर लेना चाहिए कि यह आपको सूट करता है या नहीं.

पाचन को हेल्दी रखने में मददगार

इलायची आपको मतली और उल्टी जैसे पाचन मुद्दों से लड़ने में भी मदद कर सकती है. इलायची की मजबूत सुगंध और ताजा स्वाद मतली को कम कर सकती है. अध्ययनों के अनुसार, इलायची में ऐसे गुण होते हैं जो अल्सर को ठीक करने की क्षमता रखते हैं.

स्ट्रेस कम करने में सहायक

हरी इलायची की खूशबू काफी अच्छी होती है और रिलैक्सिंग भी होती है, जिस वजह से इसकी खूशबू की मदद से स्ट्रेस कम करने में मदद मिल सकती है।

सांस की बदबू दूर करता है

सांस की बदबू दूर करने में इलायची काफी मददगार हो सकती है। इसकी खूशबू की मदद से बैड ब्रेथ की समस्या कम होती है।

एसिडिटी से दें राहत

इलायची एसिडिटी से राहत पाने में काफी मददगार हो सकती है. इलायची में तेल भी मौजूद होता है. इलायची में मौजूद इसेंशियल ऑयल पेट की अंदरुनी लाइनिंग को मजबूत कर सकता है. एसिडिटी की समस्या में पेट में एसिड जमा हो जाते हैं. इसके सेवन से वो धीरे-धीरे उनको हटाया जा सकता है.

ब्लड शुगर कंट्रोल हो सकता है

फाइबर और मैंग्नीस मौजूद होने की वजह से इलायची की मदद से ब्लड शुगर को कंट्रोल करने में काफी मदद मिल सकती है। इसलिए डायबिटीज से बचाव में यह मददगार है।

कैविटी से बचाव

इलायची में एंटी बैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं, जिस कारण से यह मुंह में बनने वाले बैक्टीरिया का खात्मा करने में मददगार होती है।

इलायची का उपयोग कैसे करें

इलायची को विभिन्न व्यंजनों में मिलाया जा सकता है. स्वाद बढ़ाने के लिए इसे चाय या दूध में मिलाया जा सकता है. यह डेसर्ट और अन्य खाद्य पदार्थों पर मसाला के रूप में भी इस्तेमाल किया जा सकता है. इलायची का उपयोग माउथ फ्रेशनर के रूप में भी किया जाता है; इसलिए आप इसे चबा भी सकते हैं. आप इलायची पाउडर को कभी भी इस्तेमाल करने के लिए तैयार रख सकते हैं.

1. जानी मानी डायटिशियन अनीता लांबा के अनुसार हरी इलायची में बड़ा गुण है कि यह एंटिसेप्टिक है और शरीर को इन्फेक्शन से भी बचाती है. अगर आप मुंह और सांसों की दुर्गंध से परेशान हैं तो इलायची लाभकारी है. यह मसूड़ों की बीमारी और कैविटी का कारण बनने वाले बैक्टीरिया से भी लड़ने में कामयाब है. यह बैक्टिरिया व फंगल को रोकने में कारगर है. असल में यह फाइटोकेमिकल्स (कीटाणुओं, फंगस से बचाव वाला तत्व) से भरपूर मानी जाती है, इसलिए दांत व मसूड़ों के इन्फेक्शन संक्रमण, गले की समस्याओं में लाभकारी लायची एक शक्तिशाली एंटीसेप्टिक, रोगाणुरोधी है जो सांसों की दुर्गंध पैदा करने वाले बैक्टीरिया को मारने में भूमिका अदा करती है.

2. इलायची में विटामिन, खनिज, के अलावा पॉलीफेनोल्स और फ्लेवोनोइड्स (विशेष प्रतिरोधक योगिक) भी पाए जाते हैं जो डाइजेशन सिस्टम को दुरुस्त रखने में कारगर हैं. ये योगिक पेट के ऊपरी हिस्से में एसिडिटी के लक्षणों से राहत देते हुए डाइजेशन सिस्टम में सुधार करते हैं. रिसर्च बताते हैं कि इलायची का सेवन मतली, उल्टी और बेचैनी से राहत देता है. यह सारी समस्याएं तभी आती हैं, जब डाइजेशन सिस्टम गड़बड़ होता है. असल में इलायची लिवर को भी विषाक्तमुक्त करती है, जो पाचन सिस्टम के लिए बेहद जरूरी है. ऐसा भी माना जाता है कि इलायची के चबाने से निकलने वाला अर्क पेट के अल्सर से बचाव करता है. इलायची में एक घटक मेथनॉलिक (प्रतिरोधी) भी होता है, जिससे गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल समस्याओं जैसे अम्लता, पेट फूलना, अपच और पेट दर्द को कम करने में मदद करती है.

3. इलायची में एक बेहद शानदार गुण है कि यह मूड को फ्रेश करती है और डिप्रेशन को रोकती है. अगर डिप्रेशन की आशंका से घबराए हुए हैं तो इलायची खाएं. ऐसा लगेगा कि दिमाग हलका हो रहा है. इसको चबाने के बाद मुंह में जो खुशबू निकलती है, वह सीधे दिमाग पर ट्रिगकर करती है और उसे कूल रखने में मदद करती है. इलायची में विटामिन सी और थायमिन (नर्वस सिस्टम में कारगर तत्व) की पर्याप्त मात्रा पाई जाती है, जिसे न्यूरो-डेवलपमेंट और दिमाग की कार्यक्षमता बढ़ाने में सहायक माना जाता है. थियामिन दिमाग में पॉजिटिविटी भी पैदा करता है. इसमें दिमाग को प्रफुल्लित करने वाले गुण भी पाए जाते हैं. सीधी सी बात है कि इलायची की सुगंधित शक्ति डिप्रेशन में घिरे बंदे को ठीक कर सकती है और मानसिक तनाव से निपटने और उससे लड़ने में मदद कर सकती है. चाय में इलायची का सेवन करेंगे तो आप पाएंगे कि दिमाग चुस्त दुरुस्त व फ्रेश महसूस कर रहा है.

4. इलायची का बड़ा गुण है कि यह हार्ट के फंक्शन को स्मूद रखती है, साथ ही ब्लड प्रेशर को भी कंट्रोल रखने में मदद करती है. हरी इलायची हार्ट रोगों के जोखिम कारकों को कम करके उसे स्वस्थ रखने में मदद करती है. यह एथेरोस्क्लेरोसिस यानी धमनियों की ब्लॉकेज और थक्कों को रोकती है, जो फेट के कारण पैदा होते हैं. इसका लाभ यह भी होता है कि बेड कोलेस्ट्रॉल पैदा होने के कारण कम हो जाते हैं. यह ट्राइग्लिसराइड्स (हार्ट को नुकसान पहुंचाने वाले तत्व) की भी रोकथाम करती है. हरी इलायची अपने में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट गतिविधियों के माध्यम से बीपी को कम करने की क्षमता रखती है. माना जाता है कि इलायची की चाय का सेवन हाई बीपी को कम करता है. इलायची का नियमित सेवन मधुमेह के खिलाफ भी प्रभावी माना जाता है. इसमें मौजूद विशेष योगिक सूजन और कई पुरानी बीमारियों का ‘दुख’ कम करने में भी प्रभावी माने जाते हैं. श्रीलंका एक्सपोर्ट डेवलेपमेंट बोर्ड के अनुसार इस बात के वैज्ञानिक प्रमाण बढ़ रहे हैं कि हरी इलायची के एंटीऑक्सिडेंट, रोगाणुरोधी, सूजन-रोधी और कैंसर-रोधी गुण शरीर के लिए लाभकारी हैं.

खाने के बाद इलायची खाने से क्या होता है?

खाने के बाद इलायची खाने से कई फायदे मिलते हैं। एक तो इलायची एक नेचुरल और खुशबूदार माउथ फ्रेशनर है। जिससे खाने के बाद मुंह से आने वाली किसी भी तरह की गंध को दूर किया जा सकता है। इलायची खाने से पाचन तंत्र मजबूत होता है। इससे खाने को पचाने में आसानी होती है।

इलायची खाने के फायदे

इलायची में एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं जो मांसपेशियों को तंदुरुस्त रखने में मदद करते हैं। 

रात में इलायची खाने से नींद अच्छी आती है इसलिए डिनर के बाद 1-2 इलायची जरूर खा लेनी चाहिए।

मुंह के बैक्टीरिया खत्म हो जाते हैं और मुंह से आने वाली दुर्गंध को दूर करने के लिए इलायची का सेवन किया जाता है।

हार्ट के लिए भी इलायची काफी फायदेमंद मानी जाती है और इससे गले की खराश भी कम होती है।

इलायची में पोटैशियम और मैग्नीशियम भी पाया जाता है जिससे ब्लड प्रेशर को कंट्रोल किया जा सकता है।

जो लोग गैस, एसिडिटी या पेट की समस्याओं से परेशान रहते हैं उन्हें खाने के बाद इलायची खानी चाहिए।

इलायची की तासीर गर्म होती है, इसलिए अस्थमा के मरीज के लिए भी इलायची फायदेमंद साबित होती है।

ऐसे बनाएं इलायची का पानी

एक पैन में पानी लें और इसमें चार से पांच इलाइची साबुत या उसके बीज डालें और इसे कुछ देर तक अच्छे से उबालें और फिर पैन को ढंक कर रख दें सुबह इसे छानकर खाली पेट पी सकते हैं।

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