किसी महामारी से कम नहीं है चिकनगुनिया की बीमारी,जानें कारण, लक्षण और बचाव के उपाय

नई दिल्लीः जैसे ही मौसम बदलता है चिकनगुनिया बीमारी का प्रकोप भी बढ़ जाता है. चिकनगुनिया मच्छरों के काटने से होता है. मादा एडीज एजिप्टी और एडीज एल्बोपिक्टस नाम के मच्छर जब काटते हैं तो उसमें पहले से मौजूद वायरस इंसान में आ जाते हैं और चिकनगुनिया से संक्रमित कर देते हैं. चिकनगुनिया के मच्छर प्रायः दिन में काटते हैं, खासकर तड़के सुबह. मच्छर काटने के 3 से 4 दिनों के बीच चिकनगुनिया बीमारी के लक्षण दिखने लगते हैं. इस वायरल इंफेक्शन में भी सबसे पहले तेज बुखार होता है. लेकिन इसके साथ ही शरीर के अनेक जोड़ों में बहुत तेज दर्द होता है जो असहनीय होने लगता है. हालांकि चिकनगुनिया का अभी तक कोई दवा नहीं आई है लेकिन शरीर इसे खुद ठीक कर देता है. गंभीर मामले में अस्पताल में भर्ती कराने की नौबत आ सकती है. चिकनगुनिया संक्रमण की बीमारी है, इसलिए यह एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में संक्रमित हो सकता है.

कैसे समझें कि हमें चिकनगुनिया है

वेबएमडी की खबर के मुताबिक मच्छर काटने के 3 से 7 दिनों के अंदर चिकनगुनिया बुखार के लक्षण दिखने लगते हैं. इसमें सबसे पहले तेज बुखार और जोड़ों में असहनीय दर्द होता है. इसके अलावा आप सिर दर्द, बेचैनी, स्किन पर रैशेज आदि भी देख सकते हैं. इसमें बहुत ज्यादा थकान का अनुभव होता है. इसे पहचानने में थोड़ी दिक्कत इसलिए होती है क्योंकि इसी तरह के लक्षण डेंगू और जीका बुखार में भी होते हैं. लेकिन यदि आपको तेज बुखार है और जोड़ों में असहनीय दर्द है तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें.

चिकनगुनिया के कारण

चिकनगुनिया वायरस संक्रमित मच्छर के काटने से फैलता है। मच्छर चिकनगुनिया वायरस से पीड़ित व्यक्ति को काटने पर स्वयं संक्रमित हो जाता है। चिकनगुनिया के वायरस को ‘साइलेंट’ संक्रमण (बीमारी के बिना संक्रमण) के रूप में देखा जाता है।

पीड़ित मरीज को सालों तक रह सकता है जोड़ों का दर्द

चिकनगुनिया से पीड़ित ज्यादातर मरीज वैसे तो पूरी तरह से ठीक हो जाते हैं, लेकिन कुछ लोगों को जोड़ों का दर्द महीनों या कभी-कभी सालों तक रह सकता है। इसके अलावा कभी-कभी मरीज को आंखें और हृदय संबंधी समस्याएं भी हो सकती हैं। यह वैसे लोगों के लिए अधिक गंभीर समस्या पैदा कर सकता है, जो उच्च रक्तचाप यानी हाई ब्लड-प्रेशर के मरीज हैं।

लक्षणों को समझने में कभी-कभी हो जाती है गलती

अक्सर चिकनगुनिया से संक्रमित व्यक्तियों में हल्के लक्षण होते हैं या संक्रमण की ठीक से पहचान नहीं हो पाती है या कभी-कभी इस बीमारी के लक्षणों को डेंगू के लक्षण समझने की गलती भी हो जाती है। ऐसी स्थिति में डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

चिकनगुनिया के लक्षण

चिकनगुनिया के लक्षण आमतौर से संक्रमित मच्छर के काटने के 2-12 दिनों के भीतर दिखते हैं। चिकनगुनिया का मच्छर ज्यादातर दिन के दौरान काटता है। यह मच्छर जमा हुए साफ पानी में प्रजनन करते हैं और चिकनगुनिया का खतरनाक वायरस फैलाने का कार्य करता है। चिकनगुनिया के लक्षण नीचे दिए गए हैं.

तेज बुखार होना

गंभीर पीठ दर्द

सिरदर्द

थकान के साथ मसल्‍स में दर्द

त्वचा पर लाल रंग के चकत्ते का होना

गले में खराश होना

आंखों में दर्द और कंजेक्टिवाइटिस होना

कई महीनों और वर्षों तक शरीर में दर्द रहना।

चिकनगुनिया से बचाव के उपाय

अपने आसपास साफ-सफाई रखें
मच्छरों के काटने से खुद को बचाएं
पूरी बाजू की शर्ट पहनें या हो सके तो अपने पूरे शरीर को ढंक कर रखें
मच्छरदानी लगाकर सोएं तो ज्यादा बेहतर है

चिकनगुनिया होने पर क्या करें?

ज्यादा से ज्यादा तरल पदार्थ लें
तला-भुना खाने से बचें
घर पर ही रहें और जितना ज्यादा हो सके आराम करें
किसी भी तरह की दवाई का सेवन करने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें

चिकनगुनिया का क्या है इलाज?

चिकनगुनिया का कोई विशेष उपचार उपलब्ध नहीं है और कोशिश की जाती है कि किसी दवाई के माध्यम से लक्षणों को कम किया जाए। ऐसे में दर्द से राहत में स्‍टेरॉइड रहित एंटी इंफ्लेमेटरी दवाएं सहायता करती है। एंटीवायरल दवाएं जैसे कि ऐसीक्लोविर (यह सीरियस मामले में डॉक्टर की ओर से दी जाती है।) दी जाती है। साथ ही अधिक से अधिक मात्रा में तरल पदार्थों का सेवन हाइड्रेटेड रखने में मदद करता है।

चिकनगुनिया की रोकथाम

चिकनगुनिया संक्रमण का उपचार करने के लिए चिकनगुनिया वायरस का टीका उपलब्ध नहीं है और चिकनगुनिया की दवाएं भी उपलब्ध नहीं हैं। मच्छर के काटने से बचना ही चिकनगुनिया की रोकथाम है। मच्छरों के प्रजनन स्थलों को नष्ट करना रोकथाम का अहम सहारा है। चिकनगुनिया की रोकथाम मच्छरों की ओर से प्रसारित होने वाली अन्य वायरल संक्रामक बीमारियों की तरह होती है।

चिकनगुनिया से बचने के लिए करें ये उपाय

कीट दूर भागने वाले उत्पादों जैसे कि डीईईटी, पिक्काडीन का उपयोग करें और स्किन पर यूकेलिप्टस नींबू का तेल लगाएं।

हमेशा पैकेज पर लिखे निर्देशों का पालन करें।

शरीर को पूरी तरह ढकने वाले कपड़े पहनें ताकि मच्छरों के काटने से बचा जा सके।

मच्छरों को अंदर आने से रोकने के लिए खिड़कियों और दरवाजों पर कोई प्रबंध कर लें।

चिकनगुनिया से लड़ने के लिए कुछ घरेलू उपाय

दादी के पास हर चीज के नुस्खें होते हैं। चिकनगुनिया के लिए भी लाभकारी घरेलू उपाय उपलब्ध हैं। इन नुस्खों के सहायता से आप चिकनगुनिया से घर पर लड़ सकते हैं। यह घरेलू उपाय चिकनगुनिया के लक्षणों में राहत पहुंचाने में कारगर हैं। ऐसे ही कुछ नुस्खें नीचे दिए गए हैं:

अदरक की चाय और ग्रीन टी काफी लाभदायक होती है।

बर्फ का पैक सूजन और दर्द में आराम पहुंचाता है।

गिलोय का जूस बुखार से लड़ने में मदद करता है।

पपीते का जूस ब्लड प्लेटलेट बढ़ने में लाभकारी होता है।

तुलसी के पत्ते चाय या पानी में उबाल कर पीएं। तुलसी इम्युनिटी बढ़ने और भूकर को काम करने में मदद करती है।

नारियल का पानी डिटॉक्सीफाई करने और हाइड्रेटेड रहने के लिए बहुत अच्छा उपाय है।

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