इस दिन सबसे ज्यादा होती है ऑनलाइन धोखाधड़ी,बैंकों ने बनाया नया इंटेलीजेंट सिस्टम

नई दिल्ली – हमारे देश में हाल ही में डिजिटल पेमेंट का चलन बहुत बढ़ गया है, लेकिन उसके साथ ही एक खतरा भी बढ़ रहा है और वो है ऑनलाइन पेमेंट में फ्रॉड होने का खतरा।डिजिटल दुनिया में ऑनलाइन पेमेंट करते समय कई तरह की सावधानी रखना बहुत जरूरी है।फर्जी ईमेल से लेकर फर्जी वेबसाइट के जरिए आपसे धोखाधड़ी की जा सकती है। ऐसे में बैंक अनधिकृत लेनदेन को रोकने के लिए ‘ट्रांजेक्शन कन्फर्मेशन’ नामक सुरक्षा सुविधा लागू कर रहे हैं।

बैंक की हेल्पलाइन नंबर

इस दिन वारदात होने पर बैंक की हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करने के बाद भी कई बार रुपये फ्रीज नहीं हो पाते। इसका फायदा ऑनलाइन ठगी करने वाले उठाते हैं। सोमवार को बैंक जब तक अपना सामान्य कामकाज शुरू करते हैं, तब तक पीड़ित व्यक्ति के खाते से रुपये ऑनलाइन ठगी करने वालों के खाते में ट्रांसफर हो जाते हैं। ‘नईदुनिया’ ने साइबर धोखाधड़ी के बड़े मामलों की पड़ताल की तो सामने आया कि ठगों का पहला फोन शुक्रवार को आया। कुछ मामलों में यदि फोन पहले आ गया तो भी ठगी की रकम खाते में शुक्रवार को स्थानांतरित करवाई गई। ऐसे मामलों के लिए कुख्यात जामताड़ा में तो एक गिरोह ने पुलिस पूछताछ में कुबूल किया था कि वह शुक्रवार से रविवार के बीच ठगी ज्यादा करते हैं।

ये टूल करेगा संदिग्ध लेनेदन की पहचान

धोखाधड़ी की रोकथाम के लिए एक अन्य टूल भी है। ये है ‘क्रेडिट इंटेलिजेंस सिस्टम’ इससे जो संदिग्ध लेनदेन होता है उसकी पहचान हो जाती है। यानी जो सामान्य लेनदेन होंगे उनसे अलग लेनदेन होने पर खाताधारक को तुरंत अलर्ट मिल जाएगा। जब खाताधारक इसकी प्रामाणिकता की पुष्टि कर देता, तब तक लेनदेन की अनुमति नहीं दी जाएगी।आईसीआईसीआई बैंक यूपीआई ट्रांजेक्शन अलर्ट से जुड़ी हुई सुविधा भी देता है। जब बैंक 30,000 रुपये के यूपीआई पेमेंट ट्रांजेक्शन की पुष्टि करने के लिए ग्राहक से संपर्क नहीं कर पाएगा, तो ग्राहक को एक एसएमएस भेजा जिसमें ट्रांजेक्शन को अनब्लॉक करने के लिए विशिष्ट नंबरों पर कॉल करने का निर्देश दिया गया होगा।स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक ने ऑनलाइन और कार्ड धोखाधड़ी के जोखिमों को कम करने के लिए पहचान और रोकथाम के साथ फ्रॉड को कम करने के लिए नियोजित किया है। बैंक के रिपोर्ट में कहा गया है कि ये क्षमताएं डिवाइस, स्थान, इंटरनेट कनेक्टिविटी, लेन-देन की समय और मूल्य जैसे डेटा का विश्लेषण करके संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी करती हैं।

धोखाधड़ी वाला लेनदेन का पता ऐसे लगेगा

बैंकों में इसके लिए एक एनालिटिक्स टीम बनाई गई है जो धोखाधड़ी वाले लेनदेन का पता लगाने और उसे रोकने के लिए काम करती है।हालांकि कभी-कभी यह टीम वास्तविक लेनदेन भी पकड़ सकती है जो व्यक्ति के सामान्य लेनदेन पैटर्न से बाहर हो सकता है।एचडीएफसी बैंक इस मामले में 24×7 निगरानी व्यवस्था लागू करने वाला पहला बैंक बन गया है. इसमें ग्राहकों के लेनदेन में किसी भी संदिग्ध पैटर्न को देखने पर उन्हें सतर्क कर दिया जाता है।

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