इन फलों और सब्जियों में भरपूर मात्रा में मिलेगा कैल्शियम

नई दिल्ली – हमारे शरीर को मजबूत बनाए रखने के लिए हड्डियों का स्ट्रॉन्ग होना बहुत जरूरी है. हड्डियां मजबूत रहने से लोग बुढ़ापे तक स्वस्थ रहते हैं और चलने-फिरने में कोई परेशानी नहीं होती है. हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो हमारी हड्डियां प्रोटीन, कैल्शियम और विटामिन D समेत कई तत्वों से मिलकर बनी होती है. जब हमारी हड्डियों में इन पोषक तत्वों की कमी होने लगती है, तब ऑस्टियोपोरोसिस समेत हड्डियों की बीमारियों का खतरा बढ़ने लगता है. हालांकि हमारी हड्डियां एक उम्र के बाद नेचुरल तरीके से डीजनरेट होने लगती हैं और फिर इन्हें मजबूत रखने के लिए खासी मशक्कत करनी पड़ती है. आज आपको बताएंगे कि किस उम्र के बाद लोगों की हड्डियां कमजोर होने लगती हैं और बुढ़ापे तक हड्डियों को मजबूत कैसे रखा जा सकता है.

कैल्शियम से भरपूर फल और सब्जियां

केल में कैल्शियम की मात्रा ज्यादा होती है, जो हड्डियों को हेल्दी रखने में मददगार है. कैल्शियम ऑस्टियोपोरोसिस को रोकने में मदद करता है. इसमें विटामिन के भी होता है, जो कैल्शियम अवशोषण में सहायता करता है और हड्डियों के मिनरालाइजेशन को बढ़ावा देता है. सलाद, स्मूदी या भुने हुए साग के रूप में केल का आनंद लें. केल को थोड़ा पकाने से इसे पचाने में आसानी हो सकती है.संतरा कैल्शियम और विटामिन सी का अच्छा स्रोत है, जो कैल्शियम एब्जॉर्प्शन को बढ़ाता है और इम्यून हेल्थ को सपोर्ट करता है. इनमें एंटीऑक्सीडेंट भी होते हैं जो सेलुलर डैमेज से बचाते हैं. नाश्ते के रूप में ताजे संतरे खाएं, सलाद में स्लाइस एड करें या ताजा निचोड़ा हुआ संतरे का रस पिएं. फाइबर सामग्री का लाभ उठाने के लिए साबुत फल चुनें.

शरीर की हड्डियां मजबूत

25 साल की उम्र तक लोगों के शरीर की हड्डियां मजबूत होती हैं. आसान भाषा में कहें तो इस उम्र तक बोन डेंसिटी लगातार बढ़ती है. 25 साल से लेकर 50 साल तक हड्डियों की बोन डेंसिटी लगभग एक जैसी रहती है और इसमें बेहद कम बदलाव आता है. 50 साल के बाद हड्डियों का डीजनरेशन शुरू हो जाता है और बोन डेंसिटी कम होने लगती है. आमतौर पर लोगों को 50 की उम्र के बाद हड्डियों का खास खयाल रखने की सलाह दी जाती है, ताकि लोगों को ऑस्टियोपोरोसिस समेत हड्डियों की बीमारियों का खतरा न हो. हालांकि लोगों को कम उम्र से ही हड्डियां मजबूत करने की कोशिश करनी चाहिए, ताकि बुढ़ापे तक हड्डियों में जान बनी रहे.

पालक में हाई कैल्शियम, मैग्नीशियम और आयरन

पालक में हाई कैल्शियम, मैग्नीशियम और आयरन में होता है, जो हड्डियों के स्वास्थ्य, मसल्स फंक्शन्स और ब्लड में ऑक्सीजन के ट्रांसपोर्टेशन के लिए जरूरी है. कैल्शियम के लिए स्मूदी, सलाद में ताजा पालक मिलाएं या हल्का पकाएं. आयरन के अवशोषण को बढ़ावा देने के लिए इसे विटामिन सी से भरपूर फूड्स के साथ मिलाएं.कीवी में कैल्शियम, विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, जो हड्डियों के स्वास्थ्य, इम्यून फंक्शन और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करते हैं. स्नैक्स के रूप में ताजी कीवी खाएं, फलों के सलाद, स्मूदी या दही में मिलाएं. छिलका खाने योग्य होता है और इसमें एक्स्ट्रा पोषक तत्व होते हैं.

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