आखिरी चरण की वोटिंग से पहले तेजस्वी के ‘चक्रव्यूह’ में फंसे नीतीश,क्या फिर पलटी मारने की ताक में हैं नेता

नई दिल्लीः लोकसभा चुनाव 2024 से पहले बिहार की सियासत का पहिया घूमा था। नीतीश कुमार इंडिया गठबंधन को छोड़ एनडीए में शामिल हो गए थे। अब आखिरी चरण की वोटिंग से पहले तेजस्वी यादव ने बड़ा सियासी दांव चला है। यूं कहें तो नीतीश कुमार को चक्रव्यूह में फंसाने के लिए पासा फेंक दिया है। यही कारण है कि नीतीश कुमार को तेजस्वी के दावों पर अब सफाई देनी पड़ रही है। नीतीश कुमार ने कहा कि अब इधर-उधर नहीं करना है। अब यही रहना है।

तेजस्वी का क्या है प्लान ?

#WATCH | Patna: Former Bihar Deputy CM and RJD leader Tejashwi Yadav says, ” …To save the backward people’s politics and party, our ‘chacha’ can take any big decision after 4th June…” pic.twitter.com/iw2xAX9EaQ

— ANI (@ANI) May 28, 2024

आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने दावा किया है कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एक बार फिर पलटी मारेंगे। तेजस्वी यादव के अनुसार, लोकसभा चुनाव के नतीजे आने बाद बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बड़ा फैसला ले सकते हैं। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव कहा कि उनके चाचा नीतीश कुमार 4 जून के बाद कोई भी बड़ा फैसला कर सकते हैं। अगर तेजस्वी यादव की बातों की माने तो नीतीश कुमार एक बार फिर इंडिया गठबंधन के साथ आ सकते हैं।

इंडिया गठबंधन का साथ छोड़कर एक बार फिर एनडीए के साथ हो गए शामिल

इसी साल जनवरी में नीतीश कुमार राजद और इंडिया गठबंधन का साथ छोड़कर एक बार फिर एनडीए के साथ हो गए थे. नीतीश ने इंडिया गठबंधन बनाने में अहम भूमिका निभाई थी. उनके ही पहल पर पटना में देश भर के विपक्षी नेताओं की पहली बैठक हुई थी. फिर जनवरी में वह अचानक गठबंधन से अलग हो गए. उनका कहना था का इंडिया गठबंधन में सीटों के बंटवारे पर तेजी से काम नहीं हो रहा था.

तेजस्वी के दावों पर नीतीश का पलटवार

‘चार जून के बाद मुख्यमंत्री फिर से खेला करेंगे…’ पर सीएम नीतीश ने तेजस्वी यादव का नाम लिए बिना ही जवाब दे दिया। बिहार के नालंदा में नीतीश ने एक सभा को संबोधित करते हुए कहा कि अब इधर-उधर नहीं जाएंगे। नीतीश मंगलवार को नालंदा के अस्थावां में एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि कुछ लोगों के लिए परिवार ही सब कुछ है, मेरे लिए पूरा बिहार ही एक परिवार है। बिहार सीएम ने कहा कि हम तो 1995 से बीजेपी के साथ हैं। बीच में दो बार हम आरजेडी का साथ लिए थे, लेकिन गड़बड़ किया तो हटा दिया। अब हमने तय किया है कि दाएं-बाएं नहीं होने देंगे, साथ रहेंगे। और बिहार की जनता के लिए काम करेंगे।

नीतीश को देनी पड़ रही सफाई

बिहार में एनडीए के सहयोगी दल के रूप में जेडीयू 16 सीटों पर चुनाव लड़ रही है, जबकि 2019 में उनसे इसी गठबंधन के तहत 17 सीटों पर चुनाव लड़ा था. उसके 16 उम्मीदवार विजयी हुए थे. दूसरी तरह महागठबंधन के मुख्य दल के रूप में राजद राज्य की 23 सीटों पर चुनाव लड़ रही है. अपने पाला बदलने को लेकर नीतीश कुमार को सवालों का सामना करना पड़ता है. बीते फरवरी में उन्होंने कहा था कि वह इधर-उधर चले गए थे लेकिन अब पर्मानेंट एनडीए के साथ हैं. हम पहले से ही साथ थे लेकिन बीच में मैं इधर-उधर चला गया था.

तेजस्वी यादव के ताजा बयान से कयासों का बजार गर्म

लेकिन, तेजस्वी यादव के ताजा बयान से कयासों का बजार गर्म है. दूसरी तरफ तेजस्वी या राजद ने कभी भी आधिकारिक तौर पर नीतीश के साथ भविष्य में कोई गठबंधन नहीं करने की बात नहीं कही है.

खेला का खेल शुरू हो गया है!

अब सवाल उठता है कि तेजस्वी यादव बार-बार खेला का दावा क्यों कर रहे हैं? आखिरी चरण की वोटिंग से पहले तेजस्वी यादव ने यह क्यों कहा कि 4 जून के बाद नीतीश कुमार बड़ा फैसला ले सकते हैं? दरअसल, लोकसभा चुनाव से पहले तेजस्वी दावा करते थे कि इस बार चौंकाने वाले परिणाम आएंगे, अब खेला कि बात कर रहे हैं। दूसरी ओर सियासी पंडितों का कहना है कि तेजस्वी यादव का यह सियासी शिगूफा है, और कुछ नहीं। हालांकि सियासत में कब क्या हो जाए, कोई नहीं जानता।

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